सुरेश रैना के फूफा-भाई की हत्या का मामला, पुलिस ने सुलझाया केस, 3 आरोपी गिरफ्तार

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क्रिकेटर सुरेश रैना के फूफा के परिवार पर हमला करने वालों का खुलासा हाे गया  है। पंजाब के मुख्‍यमंत्री कैप्‍टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि यह हमला एक अंतरराज्‍यीय लुटेरा गिरोह ने किया था। गिरोह के तीन सदस्‍यों को गिरफ्तार कर लिया गया है। दूसरी ओर रैना आज थरियाल गांव में अपने फूफा के घर पहुंचे। रैना ने फूफा के परिवार पर हुए हमले के बारे में जानकारी ली। रैना के साथ उनके अन्‍य परिजन भी थे।

बता दें कि 19 अगस्त को लूट और हमले की वारदात में रैना के फूफा अशोक कुमार और फुफेरे कौशल की मौत हो गई थी। उनकी बुआ आशा रानी निजी अस्पताल में कोमा अवस्था हैं। पंजाब के मुख्‍यमंत्री कैप्‍टन अमरिंदर सिंह ने कहा है कि रैना के फूफा के परिवार पर हमले के मामले की गुत्‍थी सुलझा ली गई है। इस घटना का एक अंतरराज्‍यीय लुटेरे गिराेह ने अंजाम दिया था। इसके तीन सदस्‍याें को गिफ्तार किया गया है।

पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दिनकर गुप्ता ने कहा कि आरोपी डाकू के एक अंतरराज्यीय गिरोह का हिस्सा हैं और उन्होंने कहा कि मामले के 11 अन्य सदस्यों को गिरफ्तार किया जाना बाकी है। सीएम अमरिंदर सिंह ने बताया कि इस वारदात के बाद एक विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन किया गया था। एसआईटी ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की कई धाराओं के तहत केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी थी। 

डीजीपी के अनुसार, पकड़े गए आरोपियों के पास से एक सोने की अंगूठी, एक महिलाओं की अंगूठी, एक महिलाओं की सोने की चेन, 1530 रुपये और दो लकड़ी की डंडे बरामद किया गए हैं। उन्होंने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सावन, मुहब्बत और शाहरुख खान के रूप में की है।

पंजाब सरकार ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा है कि 15 सितंबर को एसआईटी को सूचना मिली कि तीन संदिग्ध, जो घटना के बाद सुबह डिफेंस रोड पर देखे गए थे, पठानकोट रेलवे स्टेशन के पास झुग्गियों में रह रहे थे। एक छापा मारा गया गया और तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया।

इसमें कहा गया कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि वे एक गिरोह के रूप में दूसरों के साथ काम कर रहे थे और उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और पंजाब के विभिन्न हिस्सों में पहले भी कई ऐसे अपराधों को अंजाम दे चुके हैं। पुलिस ने आरोप लगाया कि आरोपी जगराओं से पठानकोट आए, जहां उन्होंने 14 अगस्त की रात को भी एक डकैती की थी। डीजीपी ने कहा कि 14 अगस्त की वारदात को अंजाम देने के लिए पठानकोट में एक संजू जो इलाके को अच्छी तरह से जानता था वह भी गिरोह में शामिल था। 

बयान में आगे कहा गया है कि आरोपियों ने पहले ही एक शटरिंग शॉप की पहचान कर ली थी, जहां बांस की सीढ़ी को जंजीरों से बांधकर रखा गया था। पहले दो घर जहां उन्होंने सीढ़ी लगाई थी, एक गोदाम और खाली घर था, जबकि तीसरा अशोक कुमार का था जो सुरेश रैन के चाचा थे। पांच आरोपी छत से सीढ़ी का उपयोग करते हुए घर में घुस गए, जहां उन्होंने तीन लोगों को लेटे हुए देखा। संदिग्धों ने घर में घुसने से पहले उनके सिर पर मारा, जिसके बाद वह घर से सोने का सामना और गहने लेकर फरार हो गए। इसके बाद आरोपियों ने हाईटेंशन बिजली की तारों को पार करते हुए ओपन फायर भी किया। इसके बाद वह सभी अलग-अलग ग्रुप्स में बंटकर वहां से निकल गए। 

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