चीन के राष्ट्रपति जिंगपिंग पर बिहार में मुकदमा, प्रधानमंत्री व अमरिकी राष्ट्रपति है गवाह

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पूरे देश में कोरोना महामारी का संकट अब और गहराता जा रहा है। कोरोना के प्रसार के लिए जिम्मेदार चीन पर एक्शन की मांग दुनियाभर के देश कर रहे हैं तो वहीं इस बीच बिहार के बेतिया से हैरान करने वाली खबर आई है। बेतिया के एक अधिवक्ता सह याचिकाकर्ता मुराद अली ने बेतिया के सीजेएम कोर्ट में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और WHO के डीजी सहित कुछ अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। इनसब पर आरोप है कि इन्होंने मिलकर पूरे विश्व में कोरोना जैसी वैश्विक महामारी को फैलाया है। इस परिवाद में एक और चौंकाने वाली बात है कि मामले में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को गवाह बनाया गया है।

उनका आरोप है कि चीन कोरोना वायरस बनाकर पूरे विश्व में दहशत फैलाना चाहता था, जिसके बाद उनपर आईपीसी की धारा 269,270,109,120 B के तहत परिवाद दर्ज कराया गया है,

मार्च महीने में भी बिहार में जिंगपिंग पर मुकदमा दायर किया गया था

विश्व के कई देश आज कोरोना वायरस की चपेट में है. भारत में भी COVID-19 बहुत तेजी से पांव पसार रहा है. हालांकि इसको रोकने के लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा सभी एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं. वहीं बिहार के मुजफ्फरपुर कोर्ट में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और राजदूत सन बेई डोंग के खिलाफ परिवाद दर्ज हुआ है. इस मामले में अगली सुनवाई 11 अप्रैल को होगी.

परिवाद दर्ज कराने वाले अधिवक्ता का नाम सुधीर ओझा है. उनका आरोप है कि चीन कोरोना वायरस बनाकर पूरे विश्व में दहशत फैलाना चाहता था, जिसके बाद उनपर आईपीसी की धारा 269,270,109,120 B के तहत परिवाद दर्ज कराया गया है, जिसके बाद कोर्ट ने इसे स्वीकार करते हुए 11 अप्रैल को सुनवाई की तारीख मुकर्रर की है.

परिवादी सुधीर ओझा ने मीडिया को बताया कि चीन ने जानबूझकर साजिश के तहत वायरस बनाकर पूरे विश्व में दहशत फैलाने का काम किया है. जिसको लेकर सोमवार को मुजफ्फरपुर के कोर्ट में परिवाद दर्ज कराया गया है. कोर्ट ने इसे स्वीकार करते हुए सुनवाई की अगली तारीख 11 अप्रैल 2020 रखी है.

दरअसल, ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि कोरोना वायरस शायद चीन के जैविक युद्ध का एक हिस्सा है और एक प्रयोगशाला से निकला जैविक हथियार है. अगर ऐसा है तो यह चीन के खिलाफ एक बड़ी साजिश है. कुछ अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स ने भी ऐसी ही कयासों के बारे में बात की है.

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