दिसंबर में टूटा खुदरा महंगाई का चार साल का रिकॉर्ड, 7.35 फीसदी पर पहुंची दर

दिसंबर में खुदरा महंगाई दर 7.35 फीसदी रही थी। यह भारतीय रिजर्व बैंक के अनुमान (दो से छह फीसदी) से भी ज्यादा पहुंच गई। हालांकि कोर महंगाई दर अभी 3.7 फीसदी है, जो पिछले साल के मुकाबले थोड़ी से ज्यादा है। इससे पहले जुलाई 2016 में यह सर्वाधिक रही थी। 

इससे पहले नवंबर में मुद्रास्फीति 5.54 फीसद के स्तर पर पहुंच गई थी। वहीं, पिछले साल के दिसंबर से तुलना की जाए तो खुदरा महंगाई में जबरदस्त बढ़त दर्ज की गई है। दिसंबर, 2018 में रिटेल इंफलेशन 2.18 फीसद पर था।

राष्ट्रीय सांख्यिकीय कार्यालय (NSO) की ओर से जारी आंकड़े के मुताबिक दिसंबर में खाने-पीने की चीजों के दाम में 14.12 फीसद की तेजी दर्ज की गई। पिछले साल इसी महीने में CPI पर आधारित महंगाई दर -2.65 फीसद पर था। नवंबर, 2019 की बात करें तो इस महीने में खुदरा मुद्रास्फीति 10.01 फीसद पर रही।

खुदरा मुद्रास्फीति इससे पहले जुलाई, 2014 में 7.39 फीसद पर रही थी। उस समय नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार की सरकार पहली बार केंद्र में बनी थी। दिसंबर, 2020 में दाल एवं संबंधित उत्पादों में 15.44 फीसद की तेजी दर्ज गई। मांस एवं मछली की कीमतों में करीब 10 फीसद की तेजी देखी गई।

समाचार एजेंसी रायटर्स के पोल में 50 अर्थशास्त्रियों ने दिसंबर में महंगाई दर के 6.20 फीसद के आंकड़े तक पहुंचने का अनुमान लगाया था। वहीं, आरबीआई ने भी मुद्रास्फीति को 4-6 फीसद के बीच रहने की बात कही थी। 

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