September 27, 2021
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मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज के लिए विदेश से आई अच्छी खबर

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मुकेश अंबानी की RIL की रैंकिंग में हुआ इजाफा, विदेशी फर्म ने दी ‘बाय’ रेटिंग

मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) को ग्लोबल ब्रोकरेज और रिसर्च फर्म यूबीएस ने अपने पहले के ‘न्यूट्रल’ टैग से ‘बाय’ रेटिंग में अपग्रेड कर दिया है. एक रिपोर्ट में यूबीएस के विश्लेषकों ने कहा कि आरआईएल तीनों क्षेत्रों— ऊर्जा, उपभोक्ता खुदरा और जियो विकास की ओर बढ़ रहा है. इस महीने अब तक आरआईएल के शेयर की कीमत अभी लगभग 2,050 रुपये प्रति शेयर पर कारोबार कर रही है.

यूबीएस का मानना ​​है कि ऊर्जा की मांग में सुधार, डिजिटल प्लेटफॉर्म का रैंप-अप, नए स्टोर के दोबारा खुलने और जियोफोन नेक्स्ट के लॉन्च होने से आरआईएल के लिए विकास की संभावनाएं बढ़ जाएंगी. UBS ने कंपनी के स्टॉक के लिए 2,500 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है.

रिफाइनिंग मार्जिन में रिकवरी से रिलायंस के ऑयल-टु-केमिकल्स बिजनेस में भी फाइनेंशियल ईयर 2024 तक की अवधि में तेजी आने की संभावना है. कंपनी मौजूदा वित्तीय वर्ष में सऊदी अरामको के साथ अपनी स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप को आगे बढ़ा सकती है. इससे रिलायंस के न्यू एनर्जी में 10 अरब डॉलर के इनवेस्टमेंट में मदद मिलेगी. हालांकि, इस डील के वैल्यूएशन और शर्तों के बारे में अभी जानकारी नहीं दी गई है.

UBS का मानना है कि जियो फोन नेक्स्ट के लॉन्च और किफायती टैरिफ के साथ बंडल्ड प्लान्स से कंपनी के टेलीकॉम बिजनेस में तेजी आ सकती है. जियो का एवरेज रेवेन्यू पर यूजर (ARPU) वर्ष-दर-वर्ष आधार पर 8-10 प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद है.

मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) रीटेल बिजनस में अपनी पकड़ मजबूत बनाने के लिए नए प्लान बनाने में लगे हुए हैं. सूत्रों के मुताबिक रिलायंस जल्द ही जस्ट डायल (Just Dial) को खरीद सकती है. इसके लिए बातचीत चल रही है. यह सौदा 80 से 90 करोड़ डॉलर के बीच होने की उम्मीद है.

रिलायंस का शेयर इस महीने लगभग 2.8 प्रतिशत गिरकर 2,050 रुपये प्रति शेयर पर ट्रेड कर रहा है. स्टॉक का बेंचमार्क निफ्टी 50 की तुलना में इस वर्ष प्रदर्शन खराब रहा है.

सऊदी अरामको के साथ साझेदारी से तेजी आएगी

यूबीएस ने कहा है कि रिलायंस और सऊदी अरामको के बीच ऑयल-टू-केमिकल्स बिजनेस को लेकर साझेदारी प्रस्तावित है। इस साझेदारी को इस साल पूरा किया जा सकता है। यदि यह सौदा पूरा होता है तो रिलायंस को 10 अरब डॉलर के इन्वेस्टमेंट को पूरा करने में मदद मिलेगी। इससे कारोबार में तेजी आएगी। रिफाइनिंग मार्किन में रिकवरी से भी ऑयल-टू-केमिकल बिजनेस में 2024 तक तेजी आ सकती है।

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