December 3, 2022
December 3, 2022
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शेयरबाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 953 अंक टूटा

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अमेरिका में मंदी की आहट से सहमा शेयरबाजार

घरेलू बाजार में आज साप्ताहिक कारोबार के पहले दिन बिकवाली का दौर कायम रहा। शेयरबाजार में सारे दिन मंदी का ही माहौल रहा। अंत में शेयरबाजार में भारी गिरावट के साथ ही बंद हुई। सेंसेक्स 953.70 अंकों की गिरावट के साथ 57,145,22 के स्तर पर बंद हुआ वहीं निफ्टी भी 311.05 अंकों गिरावट के साथ 17,016.30 के स्तर पर पहुंच कर बंद हुआ।

अमेरिकी सेंट्रल बैंक फेडरल रिजर्व के एक कदम से सारी कहानी बिगड़ी। दरअसल पिछले गुरुवार को फेडरल रिजर्व ने अनुमान के मुताबिक ब्याज दरों में 0.75% का इजाफा कर दिया। यहां तक तो ठीक था लेकिन दिक्कत शुरू हुई कमेंट्री से। फेडरल रिजर्व चेयरमैन ने कहा कि वो दरों में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी रखेंगे और इन कदमों से महंगाई काबू में आएगी या नहीं अभी कुछ नहीं कर सकते। बता दें कि अमेरिका में अभी महंगाई 40 साल की ऊंचाई पर है और वो कुछ भी करके काबू में नहीं आ रही। फेडरल रिजर्व का इतना कहना था कि दुनिया के बाजारों ने गिरना शुरू कर दिया। यदि इसी तरह ब्याज दरें बढ़ती रहीं तो अमेरिका में मंदी की आशंका प्रबल होती जाएगी।

पिछले 2 सेशन में सेंसेक्स लगभग 1800 अंक गिर चुका है। इन्हीं दो दिनों में निफ्टी 50 भी 550 अंक से अधिक गिरा है। गिरावट का आलम ये है कि 8 ट्रेडिंग सत्रों में सेंसेक्स 3500 अंक और निफ्टी 1100 अंक टूट चुका है। जिस निफ्टी बैंक ने 8 ट्रेडिंग सत्रों पर रिकॉर्ड हाई बनाया उसकी पिटाई जोरदार है और वो वहां से करीब 3400 अंक गिर चुका है।

सोमवार को निफ्टी बैंक 930 अंक (2.35 फीसदी) गिरकर 38616.30 पर बंद हुआ। पिछले कुछ दिनों की गिरावट का असर ये हुआ है कि डर का मीटर इंडिया विक्स (India VIX) लगभग 7 फीसदी बढ़ चुका है। अलग-अलग इंडेक्सों की बात करें तो सबसे ज्यादा मेटर सेक्टर में गिरावट दर्ज की गई। बीएसई मेटर 4.50 फीसदी गिरा है। निफ्टी ऑटो, पीएसयू बैंक्स, स्माल कैप और एनर्जी के इंडेक्स 3 फीसदी से अधिक गिरे हैं। आज निफ्टी आईटी का सेक्टर ग्रीन कलर में बंद हुआ है। आईटी सेक्टर के हरे रहने का एक कारण रुपये में आई गिरावट भी है। रुपये के कमजोर और डॉलर के मजबूत होने का सीधा असर आईटी कंपनियों की कमाई पर पड़ता है, क्योंकि विदेशों से उठाए गए काम के लिए वे डॉलर में पैसा प्राप्त करती हैं।