मुख्तार अंसारी को 5 साल की सजा और 50 हजार का जुर्माना

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23 साल पुराने गैंगस्टर के मामले में दोषी करार

बाहुबली मुख्तार अंसारी को गैंगस्टर के मामले में दोषी पाया गया है। मुख्तार अंसारी को पांच साल की सजा और 50 हजार रुपए जुर्माना लगाया गया है। हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने गैंगस्टर एक्ट के तहत 23 साल पुराने एक मामले में भी मुख्तार अंसारी को दोषी करार दिया है।

न्यायमूर्ति दिनेश कुमार सिंह की एकल पीठ ने यह निर्णय राज्य सरकार की अपील पर पारित किया है। सरकारी वकील राव नरेंद्र सिंह के अनुसार राज्य सरकार ने मुख्तार को गैंगस्टर के इस मामले में ट्रायल कोर्ट द्वारा बरी किए जाने के आदेश को चुनौती दी थी। मामले की एफआईआर वर्ष 1999 में थाना हजरतगंज में दर्ज की गई थी। इससे पहले बुधवार को मुख्तार अंसारी को एक मामले में सात साल की सजा सुनाई गई थी। ये बीते 34 सालों में पहली बार था जब माफिया को सजा सुनाई गई थी। हालांकि इन 59 मुकदमों में से ज्यादातर मुकदमें गाजीपुर जिले में दर्ज हैं।

अगर मुख्तार अंसारी के राजनीतिक करियर पर नजर डालें तो 1996 में उन्होंने पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की थी। जिसके बाद से 2017 तक मुख्तार लगातार पांच बार विधायक रह चुका है। जबकि 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने अपनी सीट अपने बेटे को सुपुर्द कर दी। जबकि पहली बार 1988 में मंडी परिषद की ठेकेदारी को लेकर स्थानीय ठेकेदार सच्चिदानंद राय की हत्या के मामले में मुख्तार का नाम सामने आया था। इसके बाद त्रिभुवन सिंह के भाई कॉन्स्टेबल राजेंद्र सिंह की हत्या का आरोप माफिया पर लगा था।