पुराने कोरोना वायरस से नया स्ट्रेन बन रहा है ज्यादा खतरनाक, इन सात लक्षणों से रहें सावधान

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भारत में तेजी से फैल रहे कोरोना का नया स्ट्रेन ज्यादा संक्रामक हो सकता है ब्रिटेन से भारत लौटे कई लोगों में इस वायरस के नए रूप देखने को मिला है। यह कोरोना पुराने कोरोना से भी अधिक संक्रामक है। साथ ही इसके लक्षण भी काफी अलग है।

भारत में कोरोना का नया स्ट्रेन ज्यादा संक्रामक हो सकता है। एम्स प्रमुख डॉ. रणदीप गुलेरिया ने ये आशंका जताई है। डॉ. गुलेरिया ने कहा कि भारत में कोरोना वायरस के प्रति हर्ड इम्युनिटी बनना एक मिथक है, क्योंकि इसके लिए 80 फीसदी आबादी में कोरोना वायरस के प्रति एंटीबॉडी बनना चाहिए, जो हर्ड इम्युनिटी के तहत पूरी आबादी की सुरक्षा के लिए जरूरी है।

पुराने कोरोना के लक्षण

2019 में चीनी शहर वुहान से आए इस वायरस ने दुनियाभर में अपना दंश फैलाया था। जिससे लाखों लोगों की जाने गई। शुरुआती दौर में आए कोरोना के जो लक्षण देखे गए उसमें बुखार आना, लगातार खांसी होना और स्वाद के साथ-साथ गंध खोने की शिकायत हुआ करती थी। लेकिन अब कोरोना के नए स्ट्रेन में कुछ अलग तरह के लक्षण देखने को मिल रहे हैं।

नये स्ट्रेन के लक्षण

शरीर में दर्द एवं पीड़ा, गले में खराश, आंख आना, सिरदर्द, डायरिया, त्वचा पर रैशेज पड़ना, पैर की उंगलियों का रंग बिगड़ना कोरोना के नए स्ट्रेन के मुख्य लक्षण हैं। कुछ अन्य शोधकर्ताओं ने भी इसकी पुष्टि की है। शोधकर्ताओं ने विस्तृत आंकड़ों का भी अध्ययन किया है। इसमें उन्होंने पाया कि कोरोना की प्रकृति में पहला बदलाव सितंबर में ब्रिटेन के केंट में दर्ज किया गया था। कोरोना वायरस का दूसरा पैटर्न दक्षिण अफ्रीका में मिला था। इसके बाद दुनिया के कई देशों में कोरोना का यह स्ट्रेन मिल चुका है।

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