गुजरात कसाई नहीं खुद सरकारी कर्मचारी ही गायों के अवैध कारोबार में शामिल…

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गाय के नाम पर जनभावनाओं को आंदोलित कर चुनाव जीतनेवाली भाजपा के राज में गाय-गौवंश का व्यापार हो रहा हैं। गुजरात की भाजपा सरकार ने इसे कबूल कर लिया हैं। कहा है कि सरकारी कर्मचारी अवैध परमिट बनाकर गौवंश का व्यापार कर रहे हैं। इस कबूलात के आधार पर अब भाजपा सरकार की जीवदया की नीति शंका के दायरे में आ गयी है।

गुजरात विधानसभा में कांग्रेस के विधायक द्वारा पूछे गये प्रश्न के उत्तर भाजपा सरकार की पोल खुल गयी हैं। गुजरात एनीमल प्रिजर्वेशन रूल्स 2011 के प्रावधानों का उल्लंघन कर अवैध तौर पर परमिट बनाकर अन्य राज्यों में गायों की हेराफेरी की जा रही हैं। गत पाँच वर्ष में गायों की अवैध हेराफेरी की कुल 10 घटनाएं हुई हैं।

राज्य सरकार ने कबूल किया है कि गायों की हेरा-फेरी में सरकारी कर्मचारी शामिल हैं। उनके खिलाफ जाँच चल रही हैं। इस मामले में दो अन्य व्यक्तियों के खिलाफ भी कानूनी कार्यवाही की गयी हैं।सरकार ने पूछे गये सवाल के जवाब में कहा है कि वर्ष 2017 एवं 2018 में अवैध परमिट के आधार पर गायों की हेराफेरी की घटनाएं हुई हैं।

इनकी शिकायत दर्ज की गयी हैं। भाजपा के नेतृत्व में चल रही सरकार में कसाई तो ठीक खुद सरकारी कर्मचारी ही इस अवैध कारोबार में शामिल हैं। इन कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी गयी हैं।

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