केबीसी में 5 करोड़ जीतने वाले बिहार के सुशील कुमार हो गये बर्बाद, पढ़िये पूरी खबर

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केबीसी के पांचवे सीजन में पांच करोड़ का इनाम जीतने वाले सुशील कुमार साल 2011 में एक हीरो बनकर उभरे थे। वे उस वक्त तक के पहले प्रतिभागी थे, जिन्होंने पांच करोड़ का इनाम जीता था।

सुशील बिहार के बेहद गरीब फैमिली से थे, उन्होंने केबीसी सीजन पांच में 5 करोड़ की प्राइज मनी जीता था, लेकिन सुशील की बदली हुई किस्मत फिर से पहले जैसी हो गई है वे फर से गरीब हो गए हैं। इस वक्त सुशील के पास न तो ढंग की जोब है और न ही उतना पैसा। हालत यह है कि कुछ के लिए मोतिहारी में कम्प्यूटर आपरेटर रह चुके सुशील के पास इन दिनों वे बच्चों को पढ़ाते हैं।

दरअसल, सुशील कुमार ने अपने फेसबुक पेज पर ब्यौरेवार तरीके से इस बात को साझा किया है। उन्होंने बताया कि केबीसी की जीत के बाद लाइफ काफी मुश्किल हो गई। वह लोकल सेलिब्रेटी बन गए। ऐसे में उन्होंने महीने में दस से पंद्रह दिन बिहार में कहीं न कहीं कार्यक्रम में जाना शुरू कर दिया था। पढ़ाई-लिखाई बिल्कुल छूट गई। मीडिया को लेकर वह काफी सीरियस हो गए। बताने के लिए लगातार नया बिजनेस करने लगे, जिसमें काफी पैसा डूब गया।

केबीसी में जीतने के बाद मुश्किल हो गई जिंदगी

सुशील ने बताया कि केबीसी में जीतने के बाद जिंदगी बड़ी मुश्किल हो गई। वह लोकल सेलिब्रेटी बन गए। ऐसे में उन्हें 10 से 15 दिन बिहार में कहीं न कहीं कार्यक्रम में जाना होता था। पढ़ाई-लिखाई तो पूरी तरह से छूट गई। मीडिया को लेकर वह काफी गंभीर हो गए। सिर्फ लोगों को दिखाने के लिए नया व्यापार भी शुरू किया, जिसमें काफी पैसा बर्बाद चला गया।

लोगों ने भी सुशील को खूब ठगा

सुशील ने बताया कि पांच करोड़ रुपए जीतने के बाद उन्हें गुप्त दान देने का भी चस्का लग गया। वह काफी पैसा दान में देने लगे। इस बीच कुछ ऐसे लोग भी उनके साथ जुड़े, जो उन्हें ठगना चाहते थे। उनके चापलूस लोगों के संबंध पर पत्नी ने टोका भी। इसके चलते पत्नी से भी रिश्ते खराब हो गए।

बहुत सी कारें खरीदी, शराब की लत लगी

सुशील ने आगे लिखा कि वह इस दौरान कुछ कारें खरीद ली, जिसे दिल्ली में चलवाने लगे। इसके लिए उन्हें दिल्ली का दौरा करना पड़ता था। इस बीच उनकी मुलाकात जामिया मिलिया और IIMC में मीडिया की पढ़ाई कर रहे कुछ छात्रों से हुआ। फिर JNU में रिसर्च कर रहे लड़कों, थिएटर आर्टिस्ट जैसे लोगों से परिचय हुआ। इनसे मुलकात के बाद उन्हें लगा कि वह काफी कुछ नहीं जानते हैं। इस बीच सुशील को शराब और सिगरेट की लत लग गई।

निर्देशक बनने मुंबई पहुंचे

सुशील ने बताया कि खाली समय में वह हॉलीवुड और हिंदी फ़िल्में देखने लगे। खू़ब सिनेमा देखने लगे, जिनमें अधिकांश नेशनल अवार्ड विनिंग फ़िल्म, ऑस्कर विनिंग फ़िल्म ऋत्विक घटक और सत्यजीत रॉय की फ़िल्में शामिल थीं। इसके बाद निर्देशक बनने का सपना जागा। इस सपने को लेकर वह मुंबई पहुंच गए। लेकिन वहां, पहले टीवी में काम करने की सलाह दी गई। इसके बाद प्रोडक्शन हाउस में काम किया। लेकिन वह भी छोड़ दिया।

अब क्या कर रहे हैं?

सुशील लिखते हैं कि मुंबई में उन्होंने खूब फ़िल्में देखीं और किताबें पढ़ीं। इस दौरान खुद को समझने का मौका मिला। इसके बाद वह बिहार वापस आ गए और टीचर की नौकरी के लिए तैयारी की। सुशील ने बताया कि अब वह टीचर हैं और साल 2016 से शराब नहीं पी है। सिगरेट की लत भी छूट गई है। 

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